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पैर व टखनों में सूजन के कारण
पैर व टखनों की सूजन किसी को कà¤à¥€ à¤à¥€ हो सकती है। ये समसà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। सरà¥à¤¦à¥€ की वजह से, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में, पैर व टखने की चोट लगने पर या फिर इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ आदि से पैरों में सूजन हो जाती है।
पैर व टखनों में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾
पैर व टखनों की सूजन à¤à¤• दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है। ये समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इसमें पैर, खासतौर पर टखनों और à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के आसपास सूजन, लालिमा और जलन हो जाती है। ये सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ मौसम में हो सकती है लेकिन सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ये समसà¥à¤¯à¤¾ और अधिक बढ़ जाती है। इसके अलावा, कई और कारणों से ये सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ होती हैं। आइये पैरों व टखनों की सूजन के इन कारणों पर थोड़ा विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं।
सरà¥à¤¦à¥€ से सूजन
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पैरों, खासतौर पर पैर की उंगलियों पर लाल निशान बनने या खà¥à¤œà¤²à¥€ के साथ सूजन आने की समसà¥à¤¯à¤¾ काफी आम है। चिलबà¥à¤²à¥‡à¤‚स नामक यह बीमारी सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नंगे पैर घूमने या तापमान में अचानक बदलाव से होती है। हालांकि सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में यह सामानà¥à¤¯ बीमारी है, लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं देने पर कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकती है। यह à¤à¤• कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टिशà¥à¤¯à¥‚ज डिजीज है। साधारण उपाय करके इससे बचा जा सकता है। सरà¥à¤¦à¥€ से बचाव रखें, दसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ व मोजे पहने। धूप में ही बाहर निकलें, सिंकाई करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में टखने और पैर की सूजन आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। हालांकि अचानक सूजन आया, या अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सूजन आना किसी गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से हो सकती है। बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के बढ़ जाने, या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 20 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद यूरीन में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ बढ़ जाने से ये समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। अगर टखने और पैर की सूजन के साथ साथ, पेट में दरà¥à¤¦, सिरदरà¥à¤¦, बार-बार मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने, उलà¥à¤Ÿà¥€ व मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो तो तà¥à¤‚रत चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह लें।
पैर या टखने की चोट
पैर या टखने की चोट के कारण à¤à¥€ उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। सबसे आम है टखने की मोच। ये तब होती है जब टखना गलत तरह से मà¥à¤¡à¤¼ जाता है। मोच या पैर की अनà¥à¤¯ चोटों के कारण आई सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठआराम सबसे अधिक जरूरी है। बरà¥à¤« की सिकाई और टखने को कंपà¥à¤°à¥ˆà¤¶à¤¨ बेंडेज से बांधने से इस समसà¥à¤¯à¤¾ में राहत मिल सकती है। अगर à¤à¤¸à¤¾ करने से à¤à¥€ आराम न हो, और सूजन बढ़ जाठतो चिकितà¥à¤¸à¤• के पास जरूर जाà¤à¤‚।
इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
पैर व टखनों में सूजन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज या पैर की अनà¥à¤¯ नरà¥à¤µ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पैर के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का जोखिम अधिक होता है। अगर आपको डायबिटीज है, तो आपको अपने पैरों में होने वाले फफोलों और दरà¥à¤¦ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत है। अगर आपको पैर में सूजन या बà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤° यानी फफोला दिखता है तो तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सलाह लें।
खून का थकà¥à¤•ा
पैरों की नसों में होने वाले खून के थकà¥à¤•े पैरों तक आने वाले खून के बहाव को उलà¥à¤Ÿà¤¾ दिल तक वापस à¤à¥‡à¤œ देते हैं। इस वजह से à¤à¥€ टखने व पैर सूज जाते हैं। ये खून के थकà¥à¤•े यानी बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ या तो सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤² होते हैं जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे ही नसों में होते हैं, या फिर गहरे हो सकते हैं। गहरे खून के थकà¥à¤•े पैरों की कà¥à¤› और मà¥à¤–à¥à¤¯ नसों को बà¥à¤²à¥‰à¤• कर सकते हैं। ये खून के थकà¥à¤•े जानलेवा à¤à¥€ हो सकते हैं अगर ये दिल या फेफड़ों तक पहà¥à¤‚च जाà¤à¤‚। अगर आपके à¤à¤• पैर में सूजन है और साथ में दरà¥à¤¦ à¤à¥€, बà¥à¤–ार और पैर का रंग à¤à¥€ बदल रहा है तो फौरन चिकितà¥à¤¸à¤• के पास जाà¤à¤‚।
दिल, लीवर या किडनी में खराबी
कई बार टखने व पैर की सूजन दिल, लीवर या किडनी की किसी बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ के रूप में पà¥à¤°à¤•ट होता है। सूजा हà¥à¤† टखना दिल के दौरे का संकेत हो सकता है। अगर किडनी सही से काम न कर रही हों, तो à¤à¥€ पैर सूज सकते हैं। लीवर की बीमारी में अलà¥à¤¬à¤®à¤¿à¤¨ कहलाने वाले उस पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है जो खून को दूसरे टीशू में फैलने से रोकता है। इस पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के कम निरà¥à¤®à¤¾à¤£ से फà¥à¤²à¥‚ड लीकेज बढ़ जाती है जो गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ के नियम के कारण पैरों में अधिक पहà¥à¤‚चता है, और उससे सूजन हो जाती है। किसी गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठपैर की सूजन के साथ चेसà¥à¤Ÿ पेन होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸
कई दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿ की वजह से à¤à¥€ पैर व टखनों में सूजन हो जाती है। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® चैनल बà¥à¤²à¥‰à¤•र, जो कि à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥ˆà¤¶à¤° की दवा है, उसका साइड इफेकà¥à¤Ÿ पैरों की सूजन ही होता है। इसके अलावा, à¤à¤‚टीडिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ खाने वाले लोगों को कई बार सूजन की इस समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है। डायबिटीज की दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ पैर व टखने की सूजन का कारण हो सकती हैं। अगर आपको शक होता है कि आपकी सूजन का कारण आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठजाने वाली दवा ही है तो इस बारे में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
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